स्थानित CSR सदस्य के साथ इंटरव्यू
मिलिये गुलाब सर से | गुलाब सर चरखा प्रोजेक्ट में सुपरवाईजर हैं, जिनके पास हम लगभग सारी ही प्रोब्लेम्स लेकर जा सकते हैं | जब भी किसी जगह पर फस जाओ तो सर को फ़ोन करके हल पूछ सकते हैं वो चाहे आपको जवाब न भी बता पायें पर आपको इतना साहस जरुर दे देंगें […]
बच्चों की पाठशाला

समझने और समझाने का खेल है सारा,कोई समझे बोझ और किसी को लगे प्यारा, लेकर मन में नेक इरादे और उम्मीदों का सहारा,इस प्यार को परखने स्वयं को मैने धरातल पर उतारा, देख पाठशाला में बच्चों को हृदय मुझे यह समझाए,जब मिला है मौका क्यूं ना फिर से बचपन को जिया जाए, फिर सब कुछ […]
मेरी खामोशी

मेरी खामोशी को मेरी कमजोरी मत समझना,यह तो बस ढूंढ रही मिल जाए कोई अपना, इस खामोशी के पीछे छिपी है मेरे मन की उमंगे,जो ढूंढती है वो नजरे जिसमें हो प्रेम की तरंगें,जो बिन कारण मुझे अपने पास बुलाए,विषयों के बिना भी कुछ मीठे बोल गुनगुनाए, खेले मेरे साथ बचपन के खेल,कभी आंख में […]
चलो सीखें ऑनलाइन मार्किट

‘क्या मुझे आप ऑनलाइन मार्केटिंग सिखा दोगे?’ एक दिन दीपिका मैम ने मुझे लंच को घर जाते हुए रोक कर पूछा था. मैंने बोला ठीक है, मैं तो वेसे भी प्लान कर ही रही थी | एक काम करते है 3-4 लोग ही शायद इंटरेस्टेड होंगे तो हम साथ मैं बैठ कर सिख लेते हैं. […]
पेड़ो का भी प्रेम अमर है

पेड़ो का भी प्रेम अमर है,बस्ते इसमे इतने घर है,जड़ से लेकर ऊंची डाल तक,डाली-डाली पात-पात पर, कीट-पतंगो और पंछियों ने,इसमें अपना घर बसाया,खुशियों को है मिल बांटकर,सुन्दर एक संसार रचाया, मिलकर रहते एक साथ सब,भेदभाव बिना रहते है संगपूछते नहीं वो धर्म–जात किसी की,हरते दुख और कष्ट सभी की, कुछ उनसे है घर बसाते,कुछ […]
कभी मैं भी कलम उठा लेता हूं

कभी मैं भी कलम उठा लेता हूं,लिखकर मन बहला लेता हूं, शौक से नहीं प्रेरणा से लिखता हूं,अपने शब्दों में उम्मीद के रंग भरता हूं, कला नहीं मुझ में कोई जो कभी कुछ लिख पाऊं,मैं तो बस लिखकर प्रेरणा से अपना मन बहलाऊँ, खेल तो बस ये है समझना सारा,मैं तो मात्र माध्यम हूं लिखने […]
Raat Humaari Bhi Hai
” रात हमारी भी हैं, बस हमें अपनी सुरक्षा के साथआत्मविश्वास से कदम बधानेकी जरुरत है ! “Never go alone at night , यह वाक्य आपने सुना तो होंगा ना ? मैने भी बहुत बार सुना है. यह वाक्य हम सबने खासकर लड़कियों के संदर्भ मे कई बार सुना होंगा! माता – पिता, दोस्त, और […]
एक दूजे का सहारा

जब नजर पड़ी दीवारों में,आंखों ने देखा एक नजारा, चींटियां चढ़ रही दीवारों पर लेकर भोजन सारा,लग रहा जैसे मुझको दे रही हो इशारा, जब आए परेशानी जीवन में तो बनो एक दूजे का सहारा,छोड़कर आपसी मतभेद तुम निभाओ भाईचारा, सुख और दुख तो मौसम की तरह बदलते हैं,जैसे गर्मी की धूप के बाद शीतल […]
शिक्षा और जीवन
आज की शिक्षा प्रणाली से पूछता हूं ये सवाल,क्या बस लक्ष्य है चलाना हमें भेड़ की चाल, क्या शिक्षा तंत्र बस कुछ विषयों मे सीमट कर रह गया,सहयोग करने की बजाय प्रतियोगिता में जोर देता रह गया, क्या अंक लाने मात्र से शिक्षा के ज्ञान का अनुमान है लग जाता,मात्र डिग्री पा लेने से क्या […]
ढलती हुई शाम
जब भी छत से बैठकर, देखता हुँ ढलती हुई शाम, अरब सागर मे डूब रहा होता है, सूरज लेकर अल्पविराम, निकल पड़ते हैं परिंदे, होते ही शाम, अँधेरे से पहले पहुँच, ठिकाने करे आराम । अपनी चहचहाहट से सुबह , देते सबको पैगाम, उठ कर साथियों करो, सूरज की सुनहरी किरणों को सलाम, फिर भी […]