सुदूर देश किन्नौर के अनसुने शब्द
भाषा की खूबसूरती उसमें शामिल शब्दों से आती है। कहते हैं किसी भाषा में अगर कोई शब्द मौजदू है इसका मतलब है कि वह चीज उस भाषा को इस्तेमाल करने वाले लोगों की जिदंगी में मौजदू है।हिमाचल प्रदेश का एक छोटा सा डिस्ट्रिक्ट किन्नौर जितना अपनी सस्ंकृति से धनी है उतना ही अपनी भाषाओं से। […]
यादें-जो आपको याद दिलाती है:
यादें वहां से बनाना प्रारंभ होती है जहां से आप कोई कार्यों को करना शुरू करते है और कुछ अरसे बाद वह यादें बनकर हमारे साथ एक उपलब्धि के साथ चलती है।कुछ ऐसे ही मेरे साथ हुआ।आज मैं जहां हूं उसके पीछे बहुतों का सहयोग है जो हमें यह अनुभव लिखने के लिए बार- बार […]
माइग्रेशन (पलायन )
महामारी के दौरान बिहार में हो रहे माइग्रेशन(पलायन) के कई सारी खबरें हर दिन सुनने को मिलती थी लेकिन कभी इसे अपने आप को गुफ्तगू नहीं कर पाई। इससे गुफ्तगू ना होने के कई सारे करण रहे थे कि स्थानांतरण हमने अपने आसपास नहीं देखा, केवल इसे अखबारों और न्यूज़ चैनलों में सुना करते थे। […]
शीर्षक: बौद्धिक एवं विकासात्मक विकलांगता से प्रभावित एक बच्चे और देखभालकर्ता के रूप में उनके माता-पिता की कहानी: पुनर्वास में निराशा से आशा तक की यात्रा।
परिचय: पालन-पोषण और देखभाल की यात्रा शुरू करना बाधाओं और उपलब्धियों की एक रोलरकोस्टर सवारी है, लेकिन जिनके बच्चे बौद्धिक एवं विकास संबंधी विकलांगता से प्रभावित होते हैं, उनके लिए यह अनुभव एक असाधारण और अद्वितीय साहसिक कार्य हो सकता है। इस ब्लॉग का उद्देश्य देखभाल करने वालों के रूप में माता-पिता के अनुभवों को […]
बरखा रानी
कैसे करूं मैं स्वागत तेरा बता ओ बरखा रानी, घर के घर गीली होती जब – जब बरसे पानी। बारिश में लगता है मौसम बड़ा सुहाना , बूंद -बूंद ताल मिलाता और बजाता गाना। मैं सोचूँ,कैसे बनने है आज रात का खाना।। कैसे करूं मैं स्वागत तेरा बता ओ बरखा रानी।। बादल गरजे उमड़ […]
पंचायती राज में महिला सशक्तिकरण
पंचायतों में महिलाओं का आरक्षण _ ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पंचायती राज अधिनियम-1992 महिलाओं के लिए एक वरदान के रूप में उभरी है इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारत में इस कानून को लागू होने से महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। संविधान के 73वें संशोधन1992 में महिलाओं को पंचायतों में एक […]
अनुभव
एक अविष्कार जिसका काम दूर रहने वालों को एक दूसरे से जोड़ना है, वो अचानक बज के मुझे पुकारने लगा। मैं अपने सफर की तैयारी कर रही थी, और उस कपड़े के ढेर से दुभाषी यंत्र ढूँढ़ कर जब मैने देखा तो मुझे पास के से कमरे से मेरी सहकर्मी ने मुझे याद किया था। […]
ममता
यह कहानी है ममता की। एक मां-पिता और उसके बच्चे की। इस अनिश्चितता के दौर में जहां सभी अपनी आजीविका के लिए जूझ रहे हैं, वहां घर में एक बच्चे की विकलांगता की स्थिति एक माता पिता के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। एक मां अपने बच्चे को सभी परेशानियों से बचा के रखना […]
मौसम
आज का मौसम कुछ ऐसा है उजले बादल का पर्दा हटाए धूप किरण है खूब शर्माए खुला फिर अचानक पर्दा सुनहरी सूरत निखर के आई। खेली उसने फिर छुपन छुपाई जैसे हो वो अपनी हरियाली अंबर ने भी प्रकट किया दिल आंखों से आंसू छलक पड़े फिर। आंख संभाली और मन बहलाया सर ने इंद्रधनुष […]
पोस्ट ऑफिस
एक सवेरा, चिड़िया कि चहचहाहट, सूरज कि रोशनी का यूँ आँखों को जगाना और गर्ल्स हास्टल से निकलती हुई ल़डकियों कि खिलखिलाती हसी ठिठोली ने मुझे जगाया। दिनचर्या के काम करते-करते मेरी नजर एक पर्ची पर पडी, जैसे मैंने उस पर्ची को खोला, तो उसमे सबसे ऊपर लिखा था पोस्ट ऑफिस जाना है। यह पढ़ते […]